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Gender

  • A woman looks on as children study at the library in the char [image by: Rituparna Neog]

    असम के एक द्वीप में उम्मीदों का दीप जला रही एक छोटी सी लाइब्रेरी

    अगस्त 05, 2020

    द् पराग कुमार दास चार लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर के जरिए गरीब और मुख्यधारा से कटे समुदायों के बच्चों को स्टोरीबुक्स, एजुकेशनल वीडियोज और ऑफिशियल गाइडेंस उपलब्ध हो रही है

  • Flooding along the Bagmati is an annual phenomenon in Bihar [image: Alamy]

    भारी बारिश से फिर बाढ़ की चपेट में बिहार

    जुलाई 14, 2020

    बिहार में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। भारत-नेपाल के बीच तनाव से बाढ़-सुरक्षात्मक कार्य प्रभावित हुए। कोरोना महामारी से लोग जूझ रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से लोग पहले से ही काफी परेशान हैं। इस बीच बाढ़ भी आ गई है, जिसकी वजह से लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

  • महामारी के बीच ज्यादा असुरक्षित छोड़ दी गई हैं हिमालय की महिलाएं

    अप्रैल 23, 2020

    कोविड-19 संकट ने दक्षिण एशिया में पानी से जुड़ी नीतियों में महिलाओं और हाशिए के समूहों की दीर्घकालिक उपेक्षा को
    उजागर कर दिया है

  • catching fish at Bangla bazar Fish Ghat in Sarikait

    बांग्लादेश के भूले-बिसरे मछुआरे

    अप्रैल 22, 2020

    पृथ्वी दिवस पर जलदास की एक फोटोग्राफिक प्रोफाइल। यह एक बेहद निर्धन समुदाय है। ऊंची समुद्री लहरें इनका सब कुछ बहा ले जाती हैं।

  • दस्तावेजों के अभाव में एनआरसी में सबसे ज्यादा मार झेल रही हैं महिलाएं

    मार्च 05, 2020

    असम की अनेक गरीब महिलाएं डिटेंशन सेंटर पहुंच गई हैं क्योंकि भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए उनकी तरफ से प्रस्तुत दस्तावेजों को अधिकारियों ने खारिज कर दिया है। महिलाओं के इस तरह डिटेंशन सेंटर पहुंचने का प्रभाव नदियों के सतत प्रबंधन और स्थानीय सहयोग पर भी पड़ रहा है।

  • हिमालय में बढ़ती प्यास

    मार्च 03, 2020

    एक नये अध्ययन में उन प्रमुख वजहों की तरफ ध्यान दिलाया गया है जिनकी वजह से हिमालयन रीजन के कस्बों और शहरों में जल संकट बढ़ता जा रहा है।

  • भारी जनविरोध के चलते जखोल-सांकरी जलविद्युत परियोजना की जनसुनवाई टली

    अगस्त 06, 2018

    उत्तराखंड में जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध जगजाहिर है। प्रशासन और बांध बनाने वाली कंपनियां अक्सर लोगों को आधी-अधूरी सूचनाएं देकर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेती रही हैं। लेकिन वक्त के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ी है। पर्यावरण, पहाड़, जल, जंगल को बचाने वाले संगठनों ने लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई है। इसी का नतीजा है कि ग्रामीणों की भारी विरोध के चलते उत्तरकाशी जिले में जखोल-सांकरी जल विद्युत परियोजना की जनसुनवाई रद्द करनी पड़ी।

  • वनों की रक्षा करने वालों के जीवन चित्रण की एक पहल

    जुलाई 31, 2018

    सोनाली प्रसाद ने अपने प्रोजेक्ट ‘रेंजर-रेंजर’ के बारे में www.thethirdpole.net से बात की। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से वह भारत के वनरक्षकों और रेंजर्स की चुनौतियों और उनके जीवन का चित्रण कर रही हैं।

  • woman carrying a bucket of water on her head in the himalayas

    उत्तराखंड के गांवों में पानी के लिए अब दूर तक चलने की जरूरत नहीं

    जनवरी 29, 2018

    वर्षाजल का संचयन एवं प्राकृतिक जलस्त्रोतों के पुनर्जीवित होने से हिमालय के इस भाग में जगल में लगने वाली आग की घटनाओं में भी कमी आ रही है।