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लेखहरु

  • शारदा के शरणार्थी

    फ़रवरी 21, 2020

    तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से आए शरणार्थी, फिर से विस्थापित हो रहे हैं क्योंकि शारदा नदी उनकी भूमि और घरों को जलमग्न कर देती है।

  • कश्मीर के वनों पर चल रही है कुल्हाड़ी

    दिसम्बर 12, 2019

    वन सलाहकार समिति ने 33 दिनों के भीतर 727 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन की अनुमति दे दी। इससे वन क्षेत्र के भीतर आने वाले पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने का रास्ता साफ हो गया।

  • बांग्लादेश में घड़ियाल की उम्मीद

    नवम्बर 14, 2019

    जब नर और मादा घड़ियाल ने मैथुन किया और अंडे दिये- हालांकि अंडों से बच्चे नहीं निकले- तो बांग्लादेश में घड़ियाल के प्रजनन को लेकर उम्मीद जगी।

  • असम में नागरिकता के लिए भटक रहे हैं जलवायु शरणार्थी

    नवम्बर 08, 2019

    असम में बाढ़ और भू-क्षरण के कारण हजारों लोग अपनी जमीन गंवा चुके हैं। ऐसे लोग दूसरी जगहों पर विस्थापित हो चुके हैं। ऐसे जलवायु शरणार्थियों को अब अपनी नागरिकता साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

  • भारी जनविरोध के चलते जखोल-सांकरी जलविद्युत परियोजना की जनसुनवाई टली

    अगस्त 06, 2018

    उत्तराखंड में जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध जगजाहिर है। प्रशासन और बांध बनाने वाली कंपनियां अक्सर लोगों को आधी-अधूरी सूचनाएं देकर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेती रही हैं। लेकिन वक्त के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ी है। पर्यावरण, पहाड़, जल, जंगल को बचाने वाले संगठनों ने लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई है। इसी का नतीजा है कि ग्रामीणों की भारी विरोध के चलते उत्तरकाशी जिले में जखोल-सांकरी जल विद्युत परियोजना की जनसुनवाई रद्द करनी पड़ी।

  • वनों की रक्षा करने वालों के जीवन चित्रण की एक पहल

    जुलाई 31, 2018

    सोनाली प्रसाद ने अपने प्रोजेक्ट ‘रेंजर-रेंजर’ के बारे में www.thethirdpole.net से बात की। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से वह भारत के वनरक्षकों और रेंजर्स की चुनौतियों और उनके जीवन का चित्रण कर रही हैं।

  • गंगा को बचाने के लिए अनशन पर पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल

    जुलाई 23, 2018

    भारत के सबसे प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल गंगा को बचाने के लिए अनशन पर हैं। एक माह से चल रहे अनशन को पहले नजरअंदाज किया गया फिर उन्हें जबरदस्ती से एक अस्पताल में हिरासत में रख दिया गया।

  • विस्थापित हाथियों से संघर्ष कर रहे रोहिंग्या शरणार्थी

    मई 14, 2018

    म्यांमार में बर्बरता के शिकार रोहिंग्या शरणार्थियों ने बांग्लादेश में शरण ली और वे हाथियों वाले गलियारे के आसपास बस गये। इससे इंसानों और हाथियों के बीच संघर्ष शुरू हो गया।