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लेखहरु

  • भारी जनविरोध के चलते जखोल-सांकरी जलविद्युत परियोजना की जनसुनवाई टली

    अगस्त 06, 2018

    उत्तराखंड में जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध जगजाहिर है। प्रशासन और बांध बनाने वाली कंपनियां अक्सर लोगों को आधी-अधूरी सूचनाएं देकर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेती रही हैं। लेकिन वक्त के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ी है। पर्यावरण, पहाड़, जल, जंगल को बचाने वाले संगठनों ने लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई है। इसी का नतीजा है कि ग्रामीणों की भारी विरोध के चलते उत्तरकाशी जिले में जखोल-सांकरी जल विद्युत परियोजना की जनसुनवाई रद्द करनी पड़ी।

  • वनों की रक्षा करने वालों के जीवन चित्रण की एक पहल

    जुलाई 31, 2018

    सोनाली प्रसाद ने अपने प्रोजेक्ट ‘रेंजर-रेंजर’ के बारे में www.thethirdpole.net से बात की। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से वह भारत के वनरक्षकों और रेंजर्स की चुनौतियों और उनके जीवन का चित्रण कर रही हैं।

  • गंगा को बचाने के लिए अनशन पर पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल

    जुलाई 23, 2018

    भारत के सबसे प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल गंगा को बचाने के लिए अनशन पर हैं। एक माह से चल रहे अनशन को पहले नजरअंदाज किया गया फिर उन्हें जबरदस्ती से एक अस्पताल में हिरासत में रख दिया गया।

  • विस्थापित हाथियों से संघर्ष कर रहे रोहिंग्या शरणार्थी

    मई 14, 2018

    म्यांमार में बर्बरता के शिकार रोहिंग्या शरणार्थियों ने बांग्लादेश में शरण ली और वे हाथियों वाले गलियारे के आसपास बस गये। इससे इंसानों और हाथियों के बीच संघर्ष शुरू हो गया।

  • पटना के घाटों को छोड़कर जा रही हैं गंगा

    मई 11, 2018

    गंगा को पुनर्जीवित करने की योजना एक बेहद महात्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत पटना में घाटों को आकर्षक बनाया जा रहा है। लेकिन इस बात पर बहुत कम ध्यान दिया जा रहा है कि नदी शहर से किलोमीटरों दूर चली गई है।

  • वायु प्रदूषण पर भारत की नई योजना निराशाजनक

    मई 10, 2018

    वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रदूषित देशों में से भारत एक नई कार्ययोजना के मसौदे के साथ सामने आया है, लेकिन इस योजना की गहराइयां त्रुटिपूर्ण हैं।

  • कराची के दिल में बसाया गया एक जंगल

    अप्रैल 23, 2018

    शहर के बीच में प्रकृति का अनुसरण करने और वनों को बढ़ावा देने की जापानी तकनीक को पाकिस्तान, भारत और अन्य जगहों पर अपनाया जा रहा है। ये बड़े शहरों में तेजी से बढ़ती हुई गर्मी का सामना करने का एक तरीका है।

  • उत्तराखंड के गांवों में पानी के लिए अब दूर तक चलने की जरूरत नहीं

    जनवरी 29, 2018

    वर्षाजल का संचयन एवं प्राकृतिक जलस्त्रोतों के पुनर्जीवित होने से हिमालय के इस भाग में जगल में लगने वाली आग की घटनाओं में भी कमी आ रही है।

  • बागमती के खिलाफ खड़ा एक शख्स

    जनवरी 01, 2018

    बिहार में बाढ़ के बीच एक आदमी सूखा खड़ा रहता है क्योंकि उसने अपनी खेती की जमीन पर तटबंध खड़ा कर लिया था, जो बाढ़ के पानी को वापस नदी में वापस आने से बचाता है।