एशिया में पानी, जलवायु और प्रकृति की समझ

बदलते जलवायु के साथ बदल रही है एक पारंपरिक कशीदाकारी कला

जिस कला ने सदियों से बांग्लादेश में महिलाओं के जीवन और पर्यावरण को व्यक्त किया है, वह उनके लिए वित्तीय स्वतंत्रता ला रही है। साथ ही, यह डर भी सामने आ रहा है कि कला के इस रूप के व्यवसायीकरण होने से क्या होगा।

ताज़ातरीन समाचार

All articles
न्यूजलेटर के लिए हमें साइन करें सब्सक्राइब करें